मंदिर का इतिहास एवं महत्व
श्री श्याम मंदिर, सांभर लेक भगवान बर्बरीक (खाटू श्याम जी) को समर्पित एक अत्यंत पावन तीर्थ स्थल है, जिन्हें महाभारत के वीर योद्धा भीम के पौत्र के रूप में जाना जाता है। यह धाम श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है, जहाँ सच्चे मन से आने वाले भक्त प्रभु श्याम की कृपा और आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं।
सांभर झील, राजस्थान में स्थित एक प्रसिद्ध पवित्र एवं ऐतिहासिक स्थल है, जिसके समीप स्थित यह मंदिर भक्तों को भक्ति, साधना और आत्मचिंतन का एक शांत वातावरण प्रदान करता है। राजस्थानी परंपरा से प्रेरित मंदिर की संरचना इसकी आध्यात्मिक गरिमा को और भी बढ़ाती है।
इस पावन धाम को दगड़ू सेठ गणेश जी, खाटू श्याम जी एवं राणी सती की अखंड ज्योति से प्रकाशित किया गया है, जिसे श्रद्धालुओं द्वारा पदयात्रा के माध्यम से सांभर लाया गया। मंदिर परिसर में नित्य पूजा-अर्चना, सेवा कार्य तथा धार्मिक व सामाजिक गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं, जो भक्ति और सेवा की भावना को सशक्त बनाती हैं।
इस पवित्र स्थल को दगड़ू सेठ गणेश जी, खाटू श्याम जी एवं राणी सती की अखंड ज्योति से प्रकाशित किया गया है, जिसे श्रद्धालुओं द्वारा पदयात्रा के माध्यम से सांभर लाया गया। मंदिर परिसर में नित्य पूजा, सेवा कार्य तथा धार्मिक व सामाजिक गतिविधियाँ निरंतर आयोजित की जाती हैं, जो भक्ति और सेवा की भावना को सशक्त बनाती हैं।